करवा चौथ 2026: करवा चौथ पर भूलकर भी न करें ये 7 काम, जानें व्रत की तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त

Karwa Chauth 2026: Bhoolkar Bhi Na Karein Ye 7 Kaam, Jaane Date, Pooja Muhurat Aur Chandrodya Ka Time

करवा चौथ सुहागिन महिलाओं के लिए आस्था, प्रेम और दांपत्य सुख से जुड़ा महत्वपूर्ण व्रत है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। 2026 में करवा चौथ का व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार इस दिन पूजा मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा और चंद्रोदय लगभग रात 8:17 बजे होगा।

नोट: पूजा और चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय अवश्य जांचें।

करवा चौथ 2026 कब है?

करवा चौथ 2026 में 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। नई दिल्ली के लिए प्रमुख समय इस प्रकार हैं:

विवरणसमय
करवा चौथ व्रत29 अक्टूबर 2026, गुरुवार
चतुर्थी तिथि प्रारंभ29 अक्टूबर, रात 1:06 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त29 अक्टूबर, रात 10:09 बजे
पूजा मुहूर्तशाम 5:38 बजे – 6:56 बजे
उपवास अवधिसुबह 6:31 बजे – रात 8:17 बजे
चंद्रोदयलगभग रात 8:17 बजे

करवा चौथ पर भूलकर भी न करें ये 7 काम

करवा चौथ से जुड़े कई नियम और मान्यताएं अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में अलग हो सकती हैं। नीचे दिए गए नियम धार्मिक एवं पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं।

1. दिन में न सोएं

परंपरागत मान्यता के अनुसार करवा चौथ के व्रत के दिन दिन में सोने से बचना चाहिए। इसे व्रत की साधना और अनुशासन के विरुद्ध माना जाता है। इसलिए इस दिन पूजा-पाठ, कथा और अन्य धार्मिक गतिविधियों में मन लगाना शुभ माना जाता है।

2. व्रत के दौरान भोजन या पानी न लें

करवा चौथ का पारंपरिक निर्जला व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक रखा जाता है। व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलती हैं। Drikpanchang

हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी समस्या, गर्भावस्था, दवाइयों या चिकित्सकीय आवश्यकता की स्थिति में कठोर उपवास करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना अधिक महत्वपूर्ण है।

3. बाल धोने या काटने से बचें

कई पारंपरिक मान्यताओं में करवा चौथ के दिन बाल धोने या काटने से बचने की सलाह दी जाती है। इसे व्रत की धार्मिक मर्यादा और सुहाग से जुड़ी परंपराओं का हिस्सा माना जाता है।

4. काले रंग के प्रयोग से बचें

कई परिवारों में करवा चौथ के दिन लाल, गुलाबी, पीला या अन्य शुभ रंगों के कपड़े पहनने की परंपरा है। पारंपरिक मान्यता में काले रंग को इस अवसर पर शुभ नहीं माना जाता, इसलिए काले कपड़े, बिंदी या अन्य श्रृंगार सामग्री से बचने की सलाह दी जाती है।

5. विवाद और क्रोध से बचें

करवा चौथ केवल उपवास का दिन नहीं, बल्कि पति-पत्नी के प्रेम और दांपत्य संबंध को मजबूत करने का अवसर भी माना जाता है। इसलिए इस दिन झगड़े, कटु वचन और अनावश्यक विवाद से बचना चाहिए।

शांत मन, सकारात्मक सोच और परिवार के साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार इस दिन को और विशेष बना सकते हैं।

6. टूटी या फूटी चीजों का इस्तेमाल न करें

पूजा में साफ-सुथरे और सही अवस्था वाले बर्तन एवं पूजा सामग्री का प्रयोग करना चाहिए। पारंपरिक मान्यता के अनुसार टूटे हुए करवे, बर्तन या अन्य पूजा सामग्री का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

7. तुलसी के पत्ते न तोड़ें

हिंदू धार्मिक परंपरा में तुलसी को अत्यंत पवित्र माना जाता है। करवा चौथ के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचने की मान्यता कई परिवारों में प्रचलित है। यदि पूजा में तुलसी की आवश्यकता हो, तो पहले से उपलब्ध तुलसी पत्र का उपयोग किया जा सकता है।

करवा चौथ का महत्व

करवा चौथ को करक चतुर्थी भी कहा जाता है। परंपरा के अनुसार इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा की जाती है तथा चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।

करवा या करक मिट्टी के उस पात्र को कहा जाता है जिससे चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। इसी कारण करवा चौथ की पूजा में करवे का विशेष महत्व माना जाता है।

पति-पत्नी के रिश्ते में सिर्फ रस्म नहीं, समझ भी जरूरी

करवा चौथ हमें यह याद दिलाता है कि सुखी वैवाहिक जीवन केवल धार्मिक रस्मों से नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान, संवाद और एक-दूसरे की भावनाओं को समझने से भी मजबूत होता है।

इसीलिए किसी भी रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले एक-दूसरे को समझना, परिवार और व्यक्तिगत मूल्यों को जानना तथा महत्वपूर्ण बातों पर खुलकर बातचीत करना जरूरी है।

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निष्कर्ष

करवा चौथ 2026 में 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। नई दिल्ली के अनुसार पूजा का शुभ समय शाम 5:38 से 6:56 बजे तक और चंद्रोदय लगभग 8:17 बजे रहेगा।

करवा चौथ के नियमों का पालन अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार करें। सबसे महत्वपूर्ण है कि इस पवित्र अवसर को प्रेम, सम्मान, विश्वास और सकारात्मकता के साथ मनाएं।

यह लेख धार्मिक एवं पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों के लिए योग्य चिकित्सक और व्यक्तिगत धार्मिक निर्णयों के लिए अपने स्थानीय पंडित/आचार्य की सलाह लें।

करवा चौथ 2026: भूलकर भी न करें ये 7 काम, जानें तारीख, पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय समय

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